एक तरफ जहाँ भाजपा हर अर्थ में (नेता, कार्यकर्त्ता, पैसा) भारत की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है और मिडिया की माने तो उनकी लोकप्रियता के सामने कोई नहीं टिक पा रहा है, ऐसे में दिल्ली में इसी भाजपा का बहुत बुरी हार का सामना करना पड़ा..
केंद्र में मोदी सरकार, भाजपा के पास दिल्ली के सात सांसद और MCD में भाजपा का कब्ज़ा इन सबके बावजूद बीजेपी दिल्ली में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सकी।
सभी विद्वान लोग अपने अपने हिसाब से इस हार जीत का आंकलन कर रहे है, इसी दौर में NDTV के वरिष्ठ रिपोर्टर शरद शर्मा ने भी ट्विटर पर अपना विश्लेषण लिखा।
शरद शर्मा के ट्वीट :
विमर्श के स्तर पर दिल्ली चुनाव में शाहीन बाग़ वाकई बड़ा मुद्दा बना था
BJP को इस मुद्दे ने फ़ायदा ज़रूर दिया लेकिन विमर्श पूरा वोट में नहीं बदल सका क्योंकि-
1. BJP को वोट देकर CM किसको बनाते?
2. अरविंद केजरीवाल की टक्कर का नेता ना BJP को मिला न जनता को दिखा
3. BJP के तमाम प्रयास के बावजूद केजरीवाल बहुसंख्यक विरोधी या अल्पसंख्यक प्रेमी प्रोजेक्ट नहीं हो सके
4. जनता ने केजरीवाल का काम देखा था,मन पहले से बना हुआ था
5. केजरीवाल का कैंपेन 23/05/2019 से चल रहा था, BJP का कैंपेन जनवरी 2020 के तीसरे हफ़्ते से दिखना शुरू हुआ
6. BJP ने केजरीवाल को शाहीन बाग़ पर घेरने की कोशिश की, केजरीवाल ने हनुमान चालीसा पढ़कर BJP को जवाब दिया यानि BJP के 'जय श्री राम' का जवाब AAP के 'जय हनुमान'
7. अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी के बारे में नकारात्मक बोलना बंद किया, दिल्ली वालों ने केजरीवाल के बारे में नकारात्मक सोचना बंद कर दिया
8. मुफ़्त बिजली, पानी और मुफ़्त बस यात्रा ने बड़े तबके को एहसास कराया कि सरकार हमारी है, हमारे लिए कर रही है।
केंद्र में मोदी सरकार, भाजपा के पास दिल्ली के सात सांसद और MCD में भाजपा का कब्ज़ा इन सबके बावजूद बीजेपी दिल्ली में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सकी।
सभी विद्वान लोग अपने अपने हिसाब से इस हार जीत का आंकलन कर रहे है, इसी दौर में NDTV के वरिष्ठ रिपोर्टर शरद शर्मा ने भी ट्विटर पर अपना विश्लेषण लिखा।
शरद शर्मा के ट्वीट :
विमर्श के स्तर पर दिल्ली चुनाव में शाहीन बाग़ वाकई बड़ा मुद्दा बना था
BJP को इस मुद्दे ने फ़ायदा ज़रूर दिया लेकिन विमर्श पूरा वोट में नहीं बदल सका क्योंकि-
1. BJP को वोट देकर CM किसको बनाते?
2. अरविंद केजरीवाल की टक्कर का नेता ना BJP को मिला न जनता को दिखा
3. BJP के तमाम प्रयास के बावजूद केजरीवाल बहुसंख्यक विरोधी या अल्पसंख्यक प्रेमी प्रोजेक्ट नहीं हो सके
4. जनता ने केजरीवाल का काम देखा था,मन पहले से बना हुआ था
5. केजरीवाल का कैंपेन 23/05/2019 से चल रहा था, BJP का कैंपेन जनवरी 2020 के तीसरे हफ़्ते से दिखना शुरू हुआ
6. BJP ने केजरीवाल को शाहीन बाग़ पर घेरने की कोशिश की, केजरीवाल ने हनुमान चालीसा पढ़कर BJP को जवाब दिया यानि BJP के 'जय श्री राम' का जवाब AAP के 'जय हनुमान'
7. अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी के बारे में नकारात्मक बोलना बंद किया, दिल्ली वालों ने केजरीवाल के बारे में नकारात्मक सोचना बंद कर दिया
8. मुफ़्त बिजली, पानी और मुफ़्त बस यात्रा ने बड़े तबके को एहसास कराया कि सरकार हमारी है, हमारे लिए कर रही है।
विमर्श के स्तर पर दिल्ली चुनाव में शाहीन बाग़ वाकई बड़ा मुद्दा बना था— Sharad Sharma (@sharadsharma1) February 15, 2020
BJP को इस मुद्दे ने फ़ायदा ज़रूर दिया लेकिन विमर्श पूरा वोट में नहीं बदल सका क्योंकि-
1. BJP को वोट देकर CM किसको बनाते?
2. अरविंद केजरीवाल की टक्कर का नेता ना BJP को मिला न जनता को दिखा
1/N
2/N— Sharad Sharma (@sharadsharma1) February 15, 2020
3. BJP के तमाम प्रयास के बावजूद केजरीवाल बहुसंख्यक विरोधी या अल्पसंख्यक प्रेमी प्रोजेक्ट नहीं हो सके
4. जनता ने केजरीवाल का काम देखा था,मन पहले से बना हुआ था
5. केजरीवाल का कैंपेन 23/05/2019 से चल रहा था, BJP का कैंपेन जनवरी 2020 के तीसरे हफ़्ते से दिखना शुरू हुआ https://t.co/VionLUfqEJ
3/N— Sharad Sharma (@sharadsharma1) February 15, 2020
6. BJP ने केजरीवाल को शाहीन बाग़ पर घेरने की कोशिश की, केजरीवाल ने हनुमान चालीसा पढ़कर BJP को जवाब दिया
यानि BJP के 'जय श्री राम' का जवाब AAP के 'जय हनुमान' https://t.co/FY9fNjUyhi
4/N— Sharad Sharma (@sharadsharma1) February 15, 2020
7. अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी के बारे में नकारात्मक बोलना बंद किया, दिल्ली वालों ने केजरीवाल के बारे में नकारात्मक सोचना बंद कर दिया
8. मुफ़्त बिजली, पानी और मुफ़्त बस यात्रा ने बड़े तबके को एहसास कराया कि सरकार हमारी है, हमारे लिए कर रही है। https://t.co/onkBtbqbz2
