दिल्ली विधानसभा में आज उप राज्यपाल महोदय के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दिल्ली सरकार के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने व्यक्त्व की शुरुआत बेहतरीन चार लाइनों से की :
"हिन्दू में बांटकर, मुसलमानों में बांटकर
कुछ लोग खा रहे है, मुल्क़ को टुकड़ों में बांटकर
ये काम कठिन है, मगर करना तो पड़ेगा
हम पुल बना रहे है, उनकी बनाई खाई को पाटकर"
विपक्ष की तरफ से आरोप के जवाब में बोलते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा: "जब जब आम आदमी को कुछ मिलेगा, इस मुल्क़ के ख़ास आदमियों को निराशा होनी तय है"
"हिन्दू में बांटकर, मुसलमानों में बांटकर
कुछ लोग खा रहे है, मुल्क़ को टुकड़ों में बांटकर
ये काम कठिन है, मगर करना तो पड़ेगा
हम पुल बना रहे है, उनकी बनाई खाई को पाटकर"
विपक्ष की तरफ से आरोप के जवाब में बोलते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा: "जब जब आम आदमी को कुछ मिलेगा, इस मुल्क़ के ख़ास आदमियों को निराशा होनी तय है"
देखिये मनीष सिसोदिया का पूरा सम्बोधन
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